आयतुल्लाह सीस्तानी पर हमले की साजिश नाकाम हुई

इराक़ में पवित्र रौज़ों और आयतुल्लाह सीस्तानी के घर को उड़ाने की बहुत बड़ी साज़िश नाकाम हुयी है।इराक़ के गृह मंत्रालय के अनुसार, यह इराक़ के इतिहास की सबसे ख़तरनाक आतंकवादी साज़िश थी जिसे नाकाम बनाया गया।

समाचार एजेंसी सूमरिया न्यूज़ के हवाले से फ़ार्स न्यूज़ के अनुसार, इराक़ी गृह मंत्रालय के इंटेलिजेन्स विभाग ने नाकाम हुयी इस साज़िश को इराक़ के इतिहास की सबसे बड़ी आतंकवादी साज़िश बताया। इस साज़िश के तहत आतंकवादी पवित्र नगर नजफ़, कर्बला और सामर्रा में इमामों के रौज़ों और नजफ़ में आयतुल्लाह सय्यद अली सीस्तानी के घर को धमाके से उड़ाना चाहते थे।

इस आतंकवादी साज़िश के बारे में अधिक ब्योरा सामने नहीं आया है लेकिन इराक़ी गृह मंत्रालय का कहना है कि इस आतंकवादी हमले का लक्ष्य इराक़ में सांप्रदायिक झगड़े की आग भड़काना और इस देश में दाइश को हुए नुक़सान से आम लोगों का ध्यान हटाना था।

इराक़ के अख़बार अस्सबाहने गृह मंत्रालय के आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष विभाग व सक़ूर इंटेलीजेन्स टीम के प्रमुख अबू अली अल-बसरी के हवाले से लिखा कि दाइश विदेश में अपने सरग़नाओं की मदद से कर्बला, नजफ़ और सामर्रा में इमामों के रौज़ों और नजफ़ में आयतुल्लाह सीस्तानी के घर, मस्जिदे कूफ़ा और बसरा में 3 अलग अलग आतंकवादी हमले करने का इरादा रखता था। इन आतंकवादी हमलों को कार बम और विभिन्न देशों के दसियों आत्मघाती आतंकियों के ज़रिए अंजाम देने की साज़िश थी और इस साज़िश में हथियारों और इंसानों की स्मगलिंग करने वाले गैंग की मदद लेने का इरादा था ताकि इन शहरों में आसानी से दाख़िल हों और हथियार व सैन्य उपकरण पहुंचाएं।

अबू अली अल-बसरी ने बल दिया कि प्राप्त सूचनाओं की पुष्टि के बाद प्रधान मंत्री हैदर अलएबादी और गृह मंत्री क़ासिम अलआरजी को सूचित किया गया ताकि इन पवित्र स्थलों और बसरा में जिन जगहों पर आतंकवादी तत्व इकट्ठा होने वाले हैं, उन्हें निशाना बनाने के लिए एफ़-16 युद्धक विमानों के इस्तेमाल के लिए संयुक्त कमान से समन्वय बनाया जा सके।

अल-बसरी ने बल दिया कि ठोस जानकारी के अनुसार, सीरिया के अलमयादीन क्षेत्र और अलक़ाएम शहर के आस-पास 7 बड़े लक्ष्यों पर बमबारी की गयी जहां आतंकी इकट्ठा थे और ऐसी कारें खड़ीं थी जिन्हें कार बम के तौर पर इस्तेमाल होना था। यह कार्यवाही आतंकियों के पवित्र नगर नजफ़, कर्बला, सामर्रा, कूफ़ा और बसरा की ओर बढ़ने से कुछ घंटे पहले अंजाम पायी, जिसके दौरान दसियों आतंकी ढेर हुए।