यमन की सुलह में सऊदी अरब को साथ नहीं लिया जाएगा

यमन सुलह में सऊदी अरब को शामिल नहीं किया जाएगा
वेबसाइट (Medium) के रिपोर्टर शरीफ अब्दुल कोददस के अनुसार 11 जुलाई को अमरीकी सीनेट में सीनेटर जानी एसाकसन ने "यमन में सुलह" की योजना पेश की है।

इस संवाददाता ने यह बात सीनेटर जेरी मोरानी के हवाले से कही है जो इस बैठक में शरीक थे, सीनेटर जानी एसाकसन ने कहा है कि: ओमान की सेना को मध्यस्थता के लिए संयुक्त राष्ट्र द्वारा हदीदह में तैनात किया जाएगा।

एसाकसन ने कहा: इस परियोजना में सऊदी अरब, अमीरात और मिस्र की सेना को शामिल न किया जाए क्योंकि वह सऊदी अरब को इस संकट के समाधान के लिए उचित नहीं समझते हैं।

उन्होंने इस समस्या के समाधान के लिए संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों और राजनीतिक तरीके से इस समस्या के समाधान पर जोर दिया है।

रियाज, अब्दे रब्बे हादी का महत्वपूर्ण समर्थक है और वह यमन में उनकी सरकार नहीं बना सका है। रियाज यह उम्मीद न करे कि दूसरे देश भी उनके लाभ के लिए काम करेंगे।

सऊदी अरब और यमन की लड़ाई जारी रहते 3 साल से अधिक का समय हो गया है, संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार अब तक 8 हजार लोग मारे गए और 42 हजार घायल हो चुके हैं। इस युद्ध में मारे जाने वालों में से 60% आम नागरिक थे, जो सऊदी हवाई हमले में शहीद हुए हैं।

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