फ़िलिस्तीनियों के समर्थन में फ़्रांस में भूख हड़ताल

जार्ज अब्दुल्लाह ने कुछ अरब क़ैदियो के साथ फ़्रांस के जेल में तीन दिन की भूख हड़ताल कर दी है इस भूख हड़ताल का मकसद इस्राईली जेलों में बंद फिलिस्तीनी क़ैदियों के साथ एकजुटता दिखाना है।

 

जार्ज अब्दुल्लाह ने स्वतंत्र आत्मा रखने वाले विश्व के तमाम संगठनों को “आज़ादी और सम्मान” के शीर्षक से भूख हड़ताल पर बैठे क़ैदियों का समर्थन करने का निमंत्रण दिया है।

याद रह कि इजरायल की जेलों में बंद 1500 क़ैदी 9 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं और पूरी दुनिया में उनकी इस भूख हड़ताल का समर्थन किया जा रहा है।

इन क़ैदियों की मांग है कि उनको उनके धार्मिक और क़ानूनी अधिकार दिए जाएं, इस्राईली जेलों में बंद यह क़ैदि फ़िलिस्तीन के विभिन्न पार्टियों के सदस्य है जिनमें से सबसे प्रमुख स्वंयसेवी बलों के कमांडर कुमैल अबू हनीश और फ़त्ह आंदोलन के कमांडर मरवान अलबरग़ूसी हैं।

जार्ज अब्दुल्लाह

 

इस भूख हड़ताल और विरोध के बावजूद इस्राईली जेलों में बंद क़ैदियों के साथ दुर्व्यवहार और हिंसा की घटनाएं जारी है।

जार्ज अब्दुल्लाह अलक़बीलात में 1951 में पैदा हुए और अलअशरफ़िया के दारुल मोअल्लेमीन में शिक्षा ग्रहण की, वह लेबनान और फ़िलिस्तीन की पीडित जनता के समर्थन के लिए फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध से जुड़ गए और 1978 में इस्राईल के लेबनान पर हमले में घायल हुए।

आख़िरकार उनको 1984 में फ्रांस में गिरफ़्तार कर लिया गया, उनकी गिरफ़्तारी पर जो आरोप लगाया गया वह यह था कि उनको पास्पोर्ट और वीज़ा में गड़बड़ी पाई गई थी।

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