आतंकवाद का समर्थन करने वाले धर्मगुरुओं पर भी हो कार्यवाहीः कल्बे जवाद

कल्बे जवाद
मौलाना कल्बे जवाद ने लखनऊ में संदिग्ध आतंकी के एनकाउंटर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि देश की सुरक्षा एजेंसियां उन धर्मगुरूओं पर भी कार्यवाही करे जो आतंकवादी संगठनों का समर्थन करते हैं।

लखनऊ में आतंकी कार्यवाही की विफल कोशिश और सैफुल्लाह नामक संदिग्ध आतंकवादी के एनकाउंटर पर कड़ा रूख अपनाते हुए मजलिसे ओलेमाए हिन्द के महासचिव और भारत में वरिष्ठ शिया धर्मगुरू मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने अपने बयान में कहा है कि केवल भारत ही नहीं बल्कि विश्व स्तर पर आतंकवादियों के निशाने पर शिया मुसलमानों के पवित्र स्थल और सूफ़ी दरगाहें और खानकाहें रही हैं।

 मौलाना कल्बे जवाद ने अपने बयान में कहा है कि इस समय दुनिया में होने वाली अधिकतर आतंकवादी घटनाओं में आतंकियों द्वारा मुसलमानों के पवित्र धार्मिक स्थानों को निशाना बनाया जाता है जो यह साबित करता है कि आतंकवादियों का इस्लाम से दूर - दूर तक कोई संबंध नहीं है बल्कि इस्लामिक अवशेष व पवित्र स्थलों को मिटाना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।

 इमामे जुमा लखनऊ ने संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह के एनकाउंटर पर कहा कि अगर उसके सामान से दाइश का झंडा और सऊदी अरब का वीज़ा मिला है तो पुलिस क्यों कह रही है कि उसका दाइश से कोई संबंध नहीं था। मौलाना ने कहा कि जिस तरह लखनऊ को अख़बारी मत, वहाबी मत और मलंगी मत का केंद्र बनाया जा रहा है उसी तरह लखनऊ को तकफ़ीरी आतंकवादियों का केंद्र बनाने की तैयारी भी हो रही है।

भारत के वरिष्ठ शिया धर्मगुरू ने कहा कि मैं पिछले कई वर्षों से कह रहा हूं कि देश में मौजूद ऐसे धर्मगुरूओं की जांच होनी चाहिए जिन्होंने किसी भी स्तर पर दाइश जैसे आतंकवादी गुट का समर्थन किया हो। उन्होंने कहा कि दाइश के सरग़ना अबूबक्र बग़दादी को लखनऊ शहर से उसके समर्थन में पत्र लिखा गया।

 मौलाना ने कहा कि इसी तरह कुछ एक तथाकथित धर्मगुरू ने अपने फेसबुक पेज पर दाइश द्वारा प्रकाशित नक़्शे और झंडे का प्रचार किया। इस बात को देश के मीडिया ने भी दिखाया, मगर दुखद स्थिति यह है कि ऐसे तथाकथित धर्मगुरूओं की जांच कर कार्यवाही नहीं की जाती।

वरिष्ठ शिया धर्मगुरू मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि हमें आतंकवाद की फैलती जड़ को काटना चाहिए क्योंकि इसमें आम जनता की कोई ग़लती नहीं है बल्कि उन धर्मगुरूओं के ख़िलाफ़ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए जो भोले भाले युवाओं को बहका कर आतंकवाद घिनौने जैसे रास्ते पर ले जा रहे हैं।

 मौलाना ने लखनऊ में मारे गए संदिग्ध आतंकी सैफुल्लाह के पिता द्वारा बेटे का शव न लेने पर कहा कि सैफुल्लाह के बाप ने शव न लेकर यह साबित कर दिया कि भारतीय मुसलमानों का आतंकवाद से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि हमें ऐसे पिता पर गर्व है।

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