इस्राईल को उसके ही हथियार से मार गिराएंगेः हिज़्बुल्लाह

लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव ज़ायोनी शासन के ख़िलाफ़ एक नई परमाणु रणनीति तैयार कर रहे हैं।

सैयद हसन नसरुल्लाह ने हाल ही में इस्राईल को चेतावनी दी है कि वे उसके परमाणु हथियारों को उसी के लिए ख़तरा बना देंगे। इस संबंध में वे जिस रणनीति पर काम कर रहे हैं उसके अनुसार हिज़्बुल्लाह के एक से सवा लाख मीज़ाइलों में से कुछ इस्राईल के डिमोना एटाॅमिक प्लांट पर जा कर गिरेंगे और इस्राईल के परमाणु हथियार, जो पूरे क्षेत्र के लिए ख़तरा बने हुए थे, ख़ुद इस्राईल की तबाही का कारण बन जाएंगे।

हसन नसरुल्लाह ने कुछ सप्ताह पहले भी धमकी दी थी कि अगर इस्राईल ने नई लड़ाई छेड़ी तो हैफ़ा में 15 हज़ार टन अमोनिया गैस से भरे कंटेनरों को निशाना बनाया जाएगा जिसके परिणाम स्वरूप इस शहर के आठ लाख लोग हताहत और घायल हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि था कि ज़ायोनी अगली लड़ाई से भयभीत हैं, उन्हें डर है कि इस्लामी प्रतिरोध हैफ़ा में अमोनिया गैस के कंटेनरों को निशाना बना सकता है और इससे जो धमाका होगा वह एक एटम बम के धमाके जितना होगा, उनकी नज़र में हमारे पास एटम बम है।

हसन नसरुल्लाह की धमकी का इतना प्रभाव हुआ है कि इस्राईली टीवी के चैनल नंबर 2 के अनुसार अधिकारी हैफ़ा से अमोनिया गैस का भंडार कहीं और पहुंचाने के बारे में सोच रहे हैं। इस्राईल के एक राजनैतिक दल के प्रमुख याईर लापीद ने कहा है कि हैफ़ा में अमोनिया के हर भंडार में होने वाले धमाके से 17 हज़ार इस्राईलियों के मारे जाने का ख़तरा है। इसी तरह हैफ़ा की एक अदालत ने आदेश दिया है कि इस शहर से अमोनिया गैस के भंडारों को दूसरे स्थानों पर पहुंचाया जाए। इस्राईल में रसायन शास्त्र के एक प्रोफ़ेसर ईहुद कीनान का कहना है कि हैफ़ा में अमोनिया गैस के भंडार में पहुंचने वाला हर कंटेनर इस शहर के लोगों के लिए ख़तरा बढ़ा रहा है। उनका यह भी कहना है कि हैफ़ा से अमोनिया गैस के भंडार को कहीं और पहुंचाने का भी कोई फ़ायदा नहीं है क्योंकि अगर इसमें किसी भी प्रकार का रिसाव हुआ तो 20 किलो मीटर के क्षेत्रफल में लोग ज़हरीली गैस से प्रभावित हो जाएंगे।

 

हैफ़ा की अदालत के आदेश के कुछ ही दिन बाद लेबनान के हिज़्बुल्लाह संगठन के महासचिव सैयद हसन नसरुल्लाह ने एक बार फिर अपने बयान से ज़ायोनी शासन को दहला दिया है। उन्होंने कहा है कि अगर हैफ़ा के अमोनिया के सभी भंडारों को दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया जाए तब भी हिज़्बुल्लाह उन्हें निशाना बनाने में सक्षम है।

उन्होंने इसी के साथ हैफ़ा की रणनीति से डिमोना को भी जोड़ दिया है और कहा है कि अगर इस्राईली सैनिक दक्षिणी लेबनान की ओर आए तो उनके साथ क्या होगा? तुम्हें अच्छी तरह पता है कि अगर हमारा एक भी मीज़ाइल डिमोना के परमाणु हथियारों पर जा गिरा तो तुम्हारा क्या हाल होगा? यह पहली बार है जब सैयद हसन नसरुल्लाह ने डिमोना पर हमले की धमकी दी है।