अदालत ने ट्रंप को दिया झटका, मुस्लिम विरोधी क़ानून पर लगाई रोक

ट्रंप का मुस्लिम विरोधी बयान
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम बहुल देशों के खिलाफ जारी किए गए विवादित आव्रजन आदेश को रोकते हुए एक अमेरिकी न्यायाधीश ने एक आपात आदेश जारी कर अधिकारियों को हिरासत में लिए गए शरणार्थियों और अन्य वीजा धारकों को देश से निकालने पर अस्थायी र

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा सात मुस्लिम बहुल देशों के खिलाफ जारी किए गए विवादित आव्रजन आदेश को रोकते हुए एक अमेरिकी न्यायाधीश ने एक आपात आदेश जारी कर अधिकारियों को हिरासत में लिए गए शरणार्थियों और अन्य वीजा धारकों को देश से निकालने पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी है।

न्यूयार्क में अमरीकी जिला न्यायाधीश एन डोनले ने यह आपात आदेश अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (एसीएलयू) की ओर से दायर याचिका पर सुनाया है। एसीएलयू ने यह याचिका आव्रजन प्रतिबंध लागू हो जाने पर जॉन एफ कैनेडी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर दो इराकी पुरुषों को हिरासत में लिए जाने के कारण दायर की थी. प्रतिबंध लागू होने के बाद से देश के बड़े हवाईअड्डों पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।

एसीएलयू ने बताया कि ट्रंप के आदेश के बाद पकड़े गए लोगों को कोर्ट के फैसले के बाद निर्वासित नहीं किया जा सकेगा। इमिग्रेंट्स राइस्ट प्रोजेक्ट के डिप्टी लीगल डायरेक्टर ली गेलेंर्ट ने अदालत में मानवाधिकार समूहों का पक्ष रखा। उधर, फैसले के बाद उत्साही भीड़ ने अदालत के बाहर उनका स्वागत किया।

जज ने हिरासत में लिए गए सभी लोगों की सूची सरकार से मांगी है। अब फरवरी के आखिर में अगली सुनवाई होगी। ली गेलेंर्ट ने कहा कि जज ने सरकार के रुख को देखा। हमारी सुनी और आखिरकार सरकार के कड़े फैसले पर रोक लगाई। बता दें कि नया आदेश आने के बाद अब तक हवाई अड्डों पर 100 से 200 शरणार् लोगों को हिरासत में लिया गया है।

 

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