सात विभिन्न प्रकार के कलस्टर बमों से सऊदी अरब यमनियों का जनसंहार कर रहा है

यमन की जंग
ह्यूमन राइट्स वॉच ने अपनी नई रिपोर्ट में सऊदी अरब पर यमन में आम नागरिकों की हत्या के लिए कलस्टर बमों के विभिन्न माडलों के प्रयोग का आरोप लगाया है।

ह्यूमन राइट्स वॉच ने अपनी नई रिपोर्ट में सऊदी अरब पर यमन में आम नागरिकों की हत्या के लिए कलस्टर बमों के विभिन्न माडलों के प्रयोग का आरोप लगाया है।

ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा कि सऊदी अरब के नेतृत्व में गठबंधन सेना ने  दिसंबर में यमन के सअदा शहर को कलस्टर बमों ने निशाना बनाया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, यह मिसाइल जो ब्राजील में बनाए गए हैं 6 दिसम्बर को ओल्ड सअदा के अलज़ाबित सिटी पर गिराए गए।

इस आपराधिक हमले में 2 यमनी नागरिक शहीद और 6 लोग, घायल हुए हैं जिनमें कई बच्चे है।

ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा है कि यह हमला सउदी अरब, ब्राजील और अमरीका द्वारा क्लस्टर बमों के उपयोग पर रोक लगाने के लिए बनाए गए अंतरराष्ट्रीय कानून पर हस्ताक्षर करने मना करने के एक दिन बाद ही किया गया है।

अंतरराष्ट्रीय संगठन के अनुसार,  धरती से धरती पर मार करने वाली ASTROS II मिसाइल के शेष टुकड़ों को घटना स्थल पर पाया गया है।

बहरीन और सऊदी अरब ने इन मिसाइलों को ब्राजील से खरीदा है।

ह्यूमन राइट्स वॉच ने ब्राजील से आग्रह किया है कि इस प्रकार के मिसाइल की बिक्री और उत्पादन रोक लगाई जाए।

संगठन ने सऊदी अरब और यमन के विरुद्ध गठबंधन में शामिल देशों से भी मांग की है कि इस प्रकार के हथियारों का प्रयोग तुरंत बंद किया जाए।

एक बयान में एजेंसी ने कहा कि ब्राजील को यह एहसास होना चाहिए कि इन मिसाइलों का यमन में हमलों में अवैध इस्तेमाल किया जा रहा है और बच्चों को इसका निशाना बनाया जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, ह्यूमन राइट्स वॉच और एमनेस्टी इंटरनेशनल,  ने सऊदी अरब की तरफ़ से यमन के विरुद्ध लड़ाई में क्लस्टर बमों के कम से कम 7 विभिन्न प्रकार के प्रयोग को रजिस्टर्ड किया है जो ज़मीन या हवा से मारे गए हैं।

यह बम ब्रिटेन, अमेरिका और ब्राजील में बनाए गए हैं और सऊदी अरब ने यमन के विरुद्ध इन बमों के प्रयोग को स्वीकार किया है।

 

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