हज़रत फ़ातिमा ज़हरा (स) पैगम्बर के देहान्त के बाद

सैयदा आलम ने अपने पिता बुज़ुर्गवार रसूले ख़ुदा की मौत के 3 महीने बाद सन् 11 हिजरी क़मरी में वफ़ात पाई। अपनी इच्छा के अनुसार अपनी अंतिम संस्कार रात को करने की वसीयत की..

सैयदा आलम ने अपने पिता बुज़ुर्गवार रसूले ख़ुदा की मौत के 3 महीने बाद सन् 11 हिजरी क़मरी में वफ़ात पाई। अपनी इच्छा के अनुसार अपनी अंतिम संस्कार रात को करने की वसीयत की..

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